साईं बावनी | Sai Bavani In Hindi PDF (Lyrics & Mp3)

4.7/5 - (3 votes)

Sai Bavani In Hindi PDF :– दोस्तों हम सभी जानते है कि शिरडी वाले साई बाबा के लिए लोगो का भक्ति भाव बहुत गहरा है और इसकी गहराई निरंतर बढ़ती जा रही है। आज बड़ो से लेकर बच्चो तक सभी साई बाबा के भक्ति में लीन है। साई बाबा की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए भक्तगड़ विभिन तरीको से उनकी आराधना, उपासना, पूजा अर्चना व् प्रार्थना करते है।

Sai Bavani In Hindi PDF
Sai Bavani In Hindi PDF

इन आराधनाओ का एक प्रमुख रूप साईं बावनी (Sai Bavani) है, जिसका साई बाबा के भक्त नियमित रूप से पाठ करते है।

इस पोस्ट में हम साईं बावनी के बारे में आपको विस्तार से जानकारी देंगे। तथा साथ ही हम Sai Bavani In Hindi PDF भी आपको उपलबध करायेगे।

इस ‘Sai Bavani In Hindi PDF‘ को आप केवल एक क्लिक में डाउनलोड कर पाएंगे, क्योकि हम आपको इसका डाउनलोड बटन इसी लेख में देने जा रहे है।

About – Sai Bavani in Hindi PDF

PDF NameSai Bavani in Hindi PDF
No. of Pages10
Size1.09 MB
LanguageHindi
GenresReligious, Spritual
PDF CategoryReligious, Spiritual
Last Updated July 18, 2023
PDF SourcePDFGLARE.COM
PDF Download LinkAvailable
Country of OriginIndia

साईं बावनी क्या है? – What Is Sai Bavani?

साईं बावनी श्री साईं बाबा की आराधना और मान्यताओं को समर्पित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। यह स्तोत्र उनके कर्मों, अनुग्रह, गुणों, आशीर्वाद और दया की महिमा की प्रशंसा करता है।

Sai Bavani का पाठ करने से भक्तों को मानसिक सुख, शांति, और संतोष मिलता है। इससे भक्तों के मन में श्रद्धा और आस्था का विकास होता है और साथ ही उनका आध्यात्मिक विकास भी होता है।

साईं बावनी का महत्व – Importance of Sai Bavani

जो लोग साईं बावनी का निरंतर पाठ करते है उनका जीवन सुख समृद्धि और आनंद से भर जाता है। साईं बावनी का पाठ करने वाले व्यक्ति को शांति मिलती है और उसके आस पास की नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है।

साईं बावनी के माध्यम से भक्त साई बाबा के प्रति आपार प्रेम और विश्वास का अनुभव करते है। जो उन्हें संतुष्टि, स्थिरता, और अपार समाधान प्रदान करता है।

साईं बावनी के लाभ – Benefits of Sai Bavani

साईं बावनी का पाठ करने वाले लोगो के तरह तरह के लाभ प्राप्त होते है। कुछ महत्वपूर्ण लाभों के बारे में नीचे बताया गया है।

आंतरिक शांति

साईं बावनी का पाठ करने से भक्तों को आंतरिक शांति की प्राप्ति होती है। यह मन को शांत करता है, चिंता और स्थानिक ऊर्जा को नष्ट करता है और सकारात्मकता और स्पष्टता को बढ़ाता है।

आर्थिक समृद्धि

साईं बावनी का पाठ करने से भक्तों की आर्थिक स्तिथि में सुधर होता है। साई बाबा की कृपा से, उनके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते है, और उन्हें धन और सम्मान की प्राप्ति होती है।

आत्मिक विकास

साईं बावनी के पाठ करने वाले व्यक्तियों का आत्मिक विकास होता है। इसके माध्यम से उनके मन में श्रद्धा, आस्था, और प्रेम की भावना विकसित होती है। और वे आध्यात्मिक यात्रा पर अधिक प्रगति करते हैं।

साईं बावनी के लिरिक्स – Sai Bavani Lyrics In Hindi Mp3

Sai Bavani Lyrics In Hindi

जय ईश्वर जय साईं दयाल, तू ही जगत का पालनहार ॥1॥

दत्त दिगंबर प्रभु अवतार, तेरे बस में सब संसार ॥2॥

ब्रह्म्च्युत शंकर अवतार, शरणागत का प्राणधार ॥3॥

दर्शन दे दो प्रभु मेरे, मिटा दो चौरासी फेरे ॥4॥

कफनी तेरी इक साया, झोली काँधे लटकाया ॥5॥

नीम तले तुम प्रकट हुए, फ़कीर बन के तुम आए ॥6॥

कलयुग में अवतार लिया, पतित पावन तुने किया ॥7॥

शिर्डी गाँव में वास किया, लोगों का मन लुभा लिया ॥8॥

चिलम थी शोभा हाथों की, बंसी जैसे मोहन की ॥9॥

दया भरी थी आँखों में, अमृतधारा बातों में ॥10॥

धन्य द्वारका वो माई, समा गए जहाँ साईं ॥11॥

जल जाता है पाप वहां, बाबा की है धुनी जहाँ ॥12॥

भूला भटका मैं अनजान, दो मुझको अपना वरदान ॥13॥

करुणा सिंध प्रभु मेरे, लाखों बैठे दर पे तेरे ॥14॥

अग्निहोत्री शास्त्री को, चमत्कार तुने दिखलाया ॥15॥

जीवनदान शामा पाया, ज़हर सांप का उतराया ॥16॥

प्रलयकाल को रोक लिया, भक्तो को भय मुक्त किया॥17॥

महामारी को बेनाम किया, शिर्डी पूरी को बचा लिया ॥18॥

प्रणाम तुझको मेरे ईश, चरणों में तेरे मेरा शीश ॥19॥

मन की आस पूरी करो, भव सागर से पार करो ॥20॥

भक्त भीमाजी था बीमार, कर बैठा था सौ उपचार ॥21॥

धन्य साईं की पवित्र उदी, मिटा गयी उसकी क्षय व्याधि ॥22॥

दिखलाया तुने विट्ठल रूप, काका जी को स्वयं स्वरुप ॥23॥

दामू को संतान दिया, मन उसका संतुष्ट किया ॥24॥

कृपानिधि अब कृपा करो, दीनदयालु दया करो ॥25॥

तन मन धन अर्पण तुमको, दे दो सद्दगति प्रभु मुझको ॥26॥

मेधा तुझको ना जाना था, मुस्लिम तुमको माना था ॥27॥

स्वयं तुम बन के शिव शंकर, बना दिया उसको किंकर ॥28॥

रौशनाई की चिरागों से, तेल के बदले पानी से ॥29॥

जिसने देखा आँखों हाल, हाल हुआ उसका बेहाल ॥30॥

चाँद भाई था उलझन में, घोड़े के कारण मन में ॥31॥

साईं ने की ऐसी कृपा, घोड़ा फिर से पा सका ॥32॥

श्रद्धा सबुरी मन में रखो, साईं साईं का नाम रटो ॥33॥

पूरी होगी मन की आस, कर लो साईं का नित्य ध्यान ॥34॥

जान के खतरा तात्या का, दान दी अपनी आयु का ॥35॥

ऋण बायजा का चुका दिया, तुने साईं कमाल किया ॥36॥

पशु पक्षी पर तेरी लगन, प्यार में तुम थे उनके मगन ॥37॥

सब पर तेरी रहम नज़र, लेते सब की खुद ही खबर ॥38॥

शरण में तेरे जो आया, तुने उसको अपनाया ॥39॥

दिए हैं तुने ग्यारह वचन, भक्तों के प्रति लेकर आना ॥40॥

कण कण में तू है भगवान, तेरी लीला शक्ति महान ॥41॥

कैसे करूँ तेरे गुणगान, बुद्धिहीन मैं हूँ नादान ॥42॥

दीन दयालु तुम हो दाता, हम सबके तुम हो भ्राता ॥43॥

कृपा करो अब साईं मेरे, चरणों में लो अब तुम्हारे ॥44॥

सुबह शाम साईं का ध्यान, साईं लीला के गुणगान ॥45॥

दृढ़ भक्ति से जो गायेगा, परम पद को वह पायेगा ॥46॥

हर दिन सुबह और शाम को, गाये साईं बावनी को ॥47॥

साईं देंगे उसका साथ, लेकर हाथों में हाथ ॥48॥

अनुभव तृप्ति के यह बोल, शब्द बढे हैं ये अनमोल ॥49॥

यकीन जिसने मान लिया, जीवन उसने सफल किया ॥50॥

साईं शक्ति विराट स्वरुप, मनमोहक साईं का रूप ॥51॥

गौर से देखो तुम भाई, बोलो जय सदगुरु साईं ॥52॥

Sai Bavani Lyrics In English

Jai Ishwar Jai Sai Dayal, Tu Hi Jagat Ka Palanhaar (1)

Datt Digambar Prabhu Avatar, Tere Bas Mein Sab Sansaar (2)

Brahmchyut Shankar Avatar, Sharanagat Ka Pranadhaar (3)

Darshan De Do Prabhu Mere, Mita Do Chaurasi Fere. (4)

Kafni Teri Ek Saaya, Jholi Kaande Latakaya. (5)

Neem Tale Tum Prakat Hue, Fakir Ban Ke Tum Aaye. (6)

Kalyug Mein Avatar Liya, Patit Paavan Tune Kiya. (7)

Shirdi Gaon Mein Vaas Kiya, Logo Ka Mann Lubhaya. (8)

Chillam Thi Shobha Haathon Ki, Banshi Jaise Mohan Ki. (9)

Daya Bhari Thi Aankhon Mein, Amritdhara Baaton Mein. (10)

Dhany Dwarka Wo Mai, Sama Gaye Jahan Sai. (11)

Jal Jaata Hai Paap Wahan, Baba Ki Hai Dhuni Jahan. (12)

Bhoola Bhataka Main Anjaan, Do Mujhko Apna Vardaan. (13)

Karuna Sindhu Prabhu Mere, Lakhon Baithhe Dar Pe Tere. (14)

Agnihotri Shastri Ko, Chamatkar Tune Dikhlaya. (15)

Jeevandhan Shama Paya, Zehar Saanp Ka Utraaya. (16)

Pralaykaal Ko Rok Liya, Bhakto Ko Bhay Mukta Kiya. (17)

Mahamari Ko Benaam Kiya, Shirdi Puri Ko Bacha Liya. (18)

Pranam Tujhko Mere Ish, Charano Mein Tere Mera Sheesh. (19)

Man Ki Aas Puri Karo, Bhav Saagar Se Paar Karo. (20)

Bhakt Bhimaji Tha Bimaar, Kar Baitha Tha Sau Upchaar. (21)

Dhany Sai Ki Pavitr Udi, Mita Gayi Uski Kshay Vyadhi. (22)

Dikhlaya Tune Vithal Roop, Kaka Ji Ko Swyam Swaroop. (23)

Daamoo Ko Santan Diya, Mann Uska Santusht Kiya. (24)

Krupanidhi Ab Krupa Karo, Deen Dayalu Daya Karo. (25)

Tan Man Dhan Arpan Tumko, De Do Saddgati Prabhu Mujhko. (26)

Medha Tujhko Na Jaana Tha, Musalman Tumko Maana Tha. (27)

Swayam Tum Ban Ke Shiv Shankar, Bana Diya Usko Kinkar. (28)

Roshanai Ki Chiraagon Se, Tel Ke Badle Paani Se. (29)

Jisne Dekha Aankhon Haal, Haal Hua Uska Behaal. (30)

Chaand Bhai Tha Uljhan Mein, Ghode Ke Kaaran Mann Mein. (31)

Sai Ne Ki Aisi Krupa, Ghoda Phir Se Pa Saka. (32)

Shraddha Saburi Mann Mein Rakho, Sai Sai Ka Naam Rato. (33)

Puri Hogi Mann Ki Aas, Kar Lo Sai Ka Nitya Dhyan. (34)

Jaan Ke Khatra Tatyacha, Daan Di Apni Aayu Ka. (35)

Rin Bayja Ka Chuka Diya, Tune Sai Kamal Kiya. (36)

Pashu Pakshi Par Teri Lagan, Pyaar Mein Tum The Unke Magan. (37)

Sab Par Teri Raham Nazar, Lete Sab Ki Khud Hi Khabar. (38)

Sharan Mein Tere Jo Aaya, Tune Usko Apnaya. (39)

Diye Hain Tune Gyarah Vachan, Bhakton Ke Prati Lekar Aana. (40)

Kan Kan Mein Tu Hai Bhagwan, Teri Leela Shakti Mahan. (41)

Kaise Karun Tere Gun Gaan, Buddhiheen Main Hoon Naadaan. (42)

Deendayalu Tum Ho Daata, Hum Sabke Tum Ho Bhrata. (43)

Kripa Karo Ab Sai Mere, Charano Mein Lo Ab Tumhaare. (44)

Subah Shaam Sai Ka Dhyaan, Sai Leela Ke Gun Gaan. (45)

Dridh Bhakti Se Jo Gayega, Param Pad Ko Woh Payega. (46)

Har Din Subah Aur Shaam Ko, Gaye Sai Bavani Ko. (47)

Sai Dege Uska Saath, Lekar Haathon Mein Haath. (48)

Anubhav Tripti Ke Yeh Bol, Shabd Badhe Hain Ye Anmol. (49)

Yakeen Jisne Maan Liya, Jeevan Usne Safal Kiya. (50)

Sai Shakti Virat Swaroop, Manmohak Sai Ka Roop. (51)

Gaur Se Dekho Tum Bhai, Bolo Jai Sadguru Sai. (52)

Sai Bavani In Hindi PDF Download

Sai Bavani In Hindi PDF को फ्री में डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए Download Button पर क्लिक करे।

You can also buy Sri Sai Satcharitra: The Wonderful Life and Teachings of Shirdi Sai Baba from Amazon, for this click here.

Conclusion

यदि आप अपने जीवन में शांति, सुख, और समृद्धि की खोज कर रहे हैं, तो Sai Bavani आपके लिए एक महान साधन हो सकती है। इसका पाठ करके, आप भगवान साईं की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और आत्मिक विकास का मार्ग चुन सकते हैं।

साईं बावनी के अनुयायों के अनुसार, यह स्तोत्र भक्त जीवन को पूर्णतः परिवर्तित कर सकता है और उन्हें श्री साईं बाबा के साथ अटूट जोड़ी बनाता है।

इसलिए, आप भी अपने जीवन में साईं बावनी को शामिल करें और अपने आसपास आने वाली परेशानियों को दूर करें। प्रभु साईं की कृपा से, आप धन, समृद्धि, और सफलता की प्राप्ति कर सकते हैं।

Sai Bavani के साथ-साथ, साई कृपा पाने के लिए आप साई चालीसा भी पढ़ सकते है।

FAQs Related To Sai Bavani

साईं बावनी क्या है?

साईं बावनी श्री साईं बाबा की आराधना और मान्यताओं को समर्पित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है।

साईं बावनी का पाठ करने से क्या लाभ होते हैं?

साईं बावनी का पाठ करने से भक्तों को आंतरिक शांति, आर्थिक समृद्धि, और आत्मिक विकास की प्राप्ति होती है।

साईं बावनी को कितनी बार जाप करना चाहिए?

साईं बावनी को जाप करने के लिए कोई सख्त नियम नहीं हैं। भक्त रोजाना, सप्ताह के विशेष दिनों पर, या विशेष अवसरों पर जैसे अपनी सुविधा और भक्ति के अनुसार जाप कर सकते हैं।

क्या साईं बावनी को जाप करने का कोई विशेष समय होता है?

साईं बावनी को जाप करने के लिए कोई विशेष समय नहीं होता है। हालांकि, कुछ भक्त रोजाना की तरह सुबह या शाम के समय इसे जाप करना पसंद करते हैं, जो उनकी दैनिक पूजा व्यवस्था का हिस्सा बनता है। लेकिन जो भी समय सहज और उपयुक्त लगता हो, उस समय पर इसे जाप किया जा सकता है।

साईं बावनी को जाप करते समय क्या कोई नियम या दिशा निर्देश होते हैं?

साईं बावनी को जाप करते समय कोई सख्त नियम नहीं होते हैं, लेकिन अनुशासन, आदर, और एक पवित्र ह्रदय से इसे जाप करना सलाह दी जाती है। इस प्रार्थना का जाप करते समय एक साफ़ और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना उचित होता है।

Leave a Comment